RUCSVS Director & Founder Message

शिक्षा वो शस्त्र है, जिससे जीवन की हर जंग जीती जा सकती है। शिक्षा जहां मानव का मूलभूत अधिकार है, वहीं ये वो रोशनी है, जिससे हम न केवल अपना, अनेक लोगों का जीवन प्रकाशमय व विकासमय बना सकते हैं। आज भी देश में अनेक बच्चे आर्थिक अभाव में व शिक्षा संस्थान दूर होने की वजह से शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं, शहरी क्षेत्रों की तंग गलियों में भी यह समस्या है।

ऐसा नहीं है कि सरकार या राज्य सरकारें प्रयास नहीं कर रहीं। सरकारें ही नहीं, कई संगठन भी जमीनी स्तर पर प्रयासरत हैं, पर आबादी के हिसाब से अब भी हर जन तक शिक्षा पहुंचाना कठिन डगर है। शिक्षा नामक यज्ञ में हमने भी अपनी आहुति डालने के लिये ग्रामीण शहरी कौशल और व्यावसायिक अध्ययन परिषद की स्थापना की गई है।

हमारा नैतिक कर्तव्य होगा कि घर-घर, जन-जन तक शिक्षा पहुंचाएं। क्योंकि शिक्षा से ही व्यक्ति अपना जीवन स्तर सुधार कर देश के विकास में सहयोग दे सकता है। शिक्षा के बिना जीवन अर्थहीन सा हो जाता है। बौद्धिक ही नहीं, रोजगारपरक शिक्षा का महत्व समय के साथ बढ़ रहा है। यह प्रमाणित है कि कौशल देश ही, खुशहाल देश है। हमें भारतीय मूल्यों को साथ लेकर हर हाथ को हुनरमंद बनाना होगा। तभी हम देश को विश्व स्तर पर सबसे विकसित और खुशहाल देशों की कतार में प्रथम स्थान दिला सकते हैं। इसके लिये सभी को संकल्पित होकर अपने-अपने स्तर पर प्रयास करना होगा। हमने भी इस ओर कदम बढ़ाया है।

हमारा प्रयास होगा कि लोगों की सोच में शिक्षा लाएं, लोगों के हाथ में तकनीकी का हुनर लाएं, जिससे लोगों की जीवनयापन की राह आसान बने और देश की विकास में सभी अपनी-अपनी भागीदारी तय कर सकें। अगर कोई भी हमारे इस सफर में किसी भी रूप में साथ चलना चाहे तो हार्दिक स्वागत है।

Education is the weapon through which every battle of life can be won. While education is the fundamental right of human beings, it is the light through which we can make the lives of many people not only our own but also light and development. Even today, many children in the country are deprived of education due to lack of financial and educational institutions. This problem is not only in rural areas, but also in the narrow streets of urban areas. It is not that the government or the state governments are not making efforts. Not only governments, many organizations are also striving at the grassroots level, but according to the population, it is still difficult to provide education to every people. We have also set up Council for Rural Urban Skills and Vocational Studies to make our sacrifice in the yagya called education. It will be our moral duty to provide education from house to house.

Because only by education can a person improve his standard of living and support the development of the country. Without education, life becomes meaningless. The importance of employable education, not just intellectual, is increasing over time. It is proven that Kaushal is a prosperous country. We have to make every hand skilled by taking Indian values ​​together. Only then can we place the country first in the line of the most developed and prosperous countries globally. For this, everyone will have to be determined and try at their own level. We have also taken this step.

Our effort will be to bring education in people's thinking, to bring technical skills in the hands of people, so that the way of livelihood of the people can be made easier and everyone can decide their participation in the development of the country. If anyone wants to walk with us in any way in this journey, then a warm welcome.

Kshitij Bhardwaj
BA, MA (Social Work), MBA, B.Lib, DCA
Director/ Founder